Friday, 7 May 2021

Coverage in media - "Mr, Miss and Mrs Pride of Bharat" || Initiative by Pride of Bharat Awards

 

Coverage in Samachar Jagat- "Mr, Miss and Mrs Pride of Bharat"

Coverage in Punjab Kesari- "Mr, Miss and Mrs Pride of Bharat"

Coverage in Dainik Navjyoti- "Mr, Miss and Mrs Pride of Bharat"
Coverage in Prathkal- "Mr, Miss and Mrs Pride of Bharat"


Coverage in Mahanagar Times- "Mr, Miss and Mrs Pride of Bharat"

Coverage in Jagruk Times- "Mr, Miss and Mrs Pride of Bharat"


Coverage in Virat Vaibhav- "Mr, Miss and Mrs Pride of Bharat"

Friday, 30 April 2021

प्राईड ऑफ भारत के बाद अब मिस्टर, मिस एन्ड मिसेस प्राइड ऑफ भारत संबंधी ब्यूटी पेजेंट || After Pride of Bharat, Mr., Miss and Mrs. Pride of Bharat beauty pageant to be organized soon

 

जयपुर। गठजोड़ फिल्म्स एंड एंटरटेनमेंट एवं गठजोड़ ग्रुप शीघ्र ही ब्यूटी पैजेंट का आयोजन करने जा रहे है, कोरोना काल के मद्देनजर यह ब्यूटी पैजेंट इस वर्ष वर्चुअल रूप से आयोजित किया जा रहा है। 

उल्लेखनीय हैं कि गठजोड़ फिल्म्स के सी.ई.ओ. महावीर कुमार सोनी "प्राईड ऑफ भारत" Pride of Bharat अवार्ड के फाउंडर डायरेक्टर है, यह अवार्ड उन लोगों के लिए है, जिन्होंने किसी भी क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है या जिनके टैलेंट ने भारत का गौरव सम्पूर्ण विश्व में बढ़ाया है। ऐसे लोग प्राइड ऑफ भारत अवॉर्ड के लिए भी अपना नामांकन प्रेषित कर सकते हैं। 

सोनी ने बताया कि "प्राईड ऑफ भारत अवार्ड्स"  के बाद अब वह मिस्टर, मिस एवं मिसेस प्राइड ऑफ भारत कैटेगरी में पैजेंट शो लेकर आ रहे हैं।  शो में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति शो के फेसबुक पेज Mr, Miss & Mrs Pride of Bharat  पर जाकर इससे संबंधित जानकारी समय समय पर प्राप्त कर सकते हैं। 

Sunday, 13 November 2016

बैंकों में पुरानी मुद्रा के रूप में जमा राशि पर आयकर विभाग द्वारा लिए गए फैसलों से संबंधित सवालों पर वित्त सचिव डॉ. हसमुख अधिया द्वारा दिए गए कुछ जवाब

सवाल 1: बहुत सारे छोटे व्यापारियोंगृहिणियोंकारीगरोंकामगारों के पास बचत के रूप में कुछ नकद राशि घरों में रखे हो सकते हैंक्या अगर उसे बैंक में जमा कराने जाने पर आयकर विभाग पैसों को लेकर पूछताछ करेगा।
जवाब 1: सवाल में दिए गए वर्ग के लोग जो 1.5 या 2 लाख रुपये जमा कराने के लिए जाते हैं उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं हैक्योंकि ये आयकर की न्यूनतम सीमा के भीतर है। इस तरह की छोटी जमा राशि के लिए आयकर विभाग किसी को भी परेशान नहीं करेगा।
सवाल 2: क्या इस दौरान जमा की गई नकद रकम की रिपोर्ट आयकर विभाग लेगा। अगर हांतो क्या 10 लाख नकदी जमा की सीमा को पार करने पर सूचित करने का वर्तमान नियम आगे भी जारी रहेगी।
जवाब 2: हम 10 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच जमा कराई जाने वाली 2.5 लाख से ऊपर की हर नकदी रकम का और ऐसे खाते का हिसाब लेंगे। विभाग इस रकम और इसे जमा कराने वाले व्यक्ति द्वारा फाइल की गई आयकर रिटर्न का मिलान कर जांच करेगा। उसके बाद उसपर उचित कार्रवाई की जा सकती है।
सवाल 3: मान लीजिए की विभाग को ये पता चलता है कि किसी खाते में 10 लाख से ज्यादा की रकम जमा की गई है और वो रकम जमाकर्ता की घोषित आय से मेल नहीं खा रही है। ऐसे में जमाकर्ता पर कितना कर और जुर्माना लगाया जाएगा।
जवाब 3: इस तरह के मामलों को कर चोरी माना जाएगा। इन मामलों में आयकर अधिनियम की धारा 270 (ए) के हिसाब से कर की राशि वसूली जाएगी और साथ ही भुगतेय कर के अलावा 200% की राशि जुर्माना के रूप में भी वसूली जाएगी।
सवाल 4: ऐसा माना जा रहा है कि बहुत सारे लोग अब आभूषण खरीद रहे हैंइससे निबटने के लिए विभाग किस तरह से तैयारी कर रहा है?
जवाब 4: जो भी व्यक्ति आभूषण खरीदता है उसे पैन नंबर देना होता है। हम क्षेत्रिय प्राधिकारियों को ये निर्देश जारी कर रहे हैं कि ये सुनिश्चित की जाए कि सभी  आभूषण विक्रेता इस नियम का पालन करने में किसी तरह का समझौता ना हो पाए। उन आभूषण विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो आभूषण बिक्री के समय पैन नंबर नहीं लेते हैं। जब आभूषण बिक्री के बाद विक्रेता द्वारा नकद राशि जमा कराई जाएगी तब इसकी जांच की जाएगी कि वो बेचे गए आभूषण की रकम से मेल खाते हैं या नहीं। बिक्रेता ने ग्राहक का पैन नंबर लिया है या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी।
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पीकेटी/एमएस- 4988

Tuesday, 8 November 2016

राष्ट्र के तेजी से विकास करने की दिशा प्रधानमंत्री जी का एक और साहसिक कदम

लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने राष्ट्र के नाम सन्देश 8 नवम्बर 2016 में जो साहसिक घोषणा करते हुए निर्णय की जानकारी दी, उससे समूचे राष्ट्र को चौंका दिया है, देश के छुपे हुए काले धन को बाहर लाने के लिए उनके असीम प्रयासों में यह एक बड़ा प्रयास कहलाएगा, जिसके तहत इस बड़े कदम से उन्होंने दिनांक 8 नवम्बर 16 को 500 एवं 1000 के नोटों को बंद करने के निर्णय की घोषणा की, देश के इतिहास में यह एक बेहद साहसिक कदम है, इस कदम से ईमानदारी से कमाकर जीवन यापन कर रहे आमजन में यह धारणा पुन: बलवती हुई है कि मोदी जी की कथनी और करनी एक है, जो वो कहते हैं करके रहते हैं, उनके कुशल नेतृत्व में राष्ट्र शीघ्र विकसित राष्ट्र बनकर रहेगा, कैसी भी विरोधी ताकतें इसे रोक नहीं पाएगी, यहाँ यह कहना भी अनुचित नहीं होगा कि कालेधन की जमाखोरी वाले पूंजीपतियों के तो निश्चित ही इससे होश उड़ गए होंगे. मोदी जी को बहुत बहुत साधुवाद, आभार !
क्या है ये कदम और क्या है नीति, जानिए उनकी स्वयं की जुबानी, प्रधानमंत्री जी के राष्ट्र के नाम इस सन्देश से -  
मेरे प्यारे देशवासियों,

दिवाली के पावन पर्व की समाप्ति नई आशाएं और नई खुशियों के साथ हुई होंगी। आज आप सभी से कुछ विशेष निवेदन करना चाहता हूँ।

इस वार्ता में कुछ गंभीर विषयकुछ महत्वपूर्ण निर्णय आप से साझा करूंगा। आपको ध्यान होगा की जब आपने 2014 मई में हमें जिम्मेदारी सौंपी थीतब विश्व की अर्थव्यवस्था में BRICS के सन्दर्भ में यह आम चर्चा थी की BRICS में जो आई” अक्षरजो India से जुड़ा हुआ हैलोग कहते थे BRICS में जो आई” हैवह लुढ़क रहा है। लगातार साल के देशव्यापी अकाल के बावजूद भीपिछले ढाई वर्षों में सवा सौ करोड़ देशवासियों के सहयोग से आज भारत ने ग्लोबल इकॉनमी में एक ब्राइट स्पॉट” अर्थात चमकता सितारा के रूप में अपनी उपस्तिथि दर्ज कराई है। ऐसा नहीं है की यह दावा हम कर रहे हैंबल्कि यह आवाज इंटरनेशनल मोनेटरी फण्ड (IMF) और वर्ल्ड बैंक से गूंज रही है।

बहनों भाइयों,

विकास की इस दौड़ में हमारा मूल मंत्र रहा है सबका साथसबका विकास। यह सरकार गरीबों को समर्पित है और समर्पित रहेगी। गरीबी के खिलाफ हमारी लड़ाई का मुख्य शस्त्र रहा है – गरीबों का देश की अर्थव्यवस्था एवं सम्पन्नता में सक्रिय

भागीदारी यानी गरीबों का सशक्तिकरणगरीबों का एम्पावरमेंट। इस प्रयास की झलक आप लोगों को

प्रधान मंत्री जन धन योजना,

जन धन से जन सुरक्षा योजना,

आर्थिक गतिविधियों के लिए प्रधान मंत्री मुद्रा ऋण योजना,

दलितआदिवासी और महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड अप इंडिया,

गरीबों के घर गैस का चूल्हा पहूँचाने के लिए प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना,

किसानों की आमदनी सुरक्षित करने के लिए प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना और प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना,

उनको अपने खेतों से सही उपज पाने के लिए Soil हेल्थ कार्ड योजना और

सही उपज का सही दाम पाने के लिए e-NAM अर्थात राष्ट्रीय कृषि बाज़ार योजना – इन सब में ये साफ़ नजर आता है ये सरकार गाँवगरीब और किसान को समर्पित है।

मेरे प्यारे देशवासियों

पिछले दशकों में हम यह अनुभव कर रहे है की देश में भ्रष्टाचार और कला धन जैसी बीमारियों ने अपनी जड़े जमा लीं हैं और देश से गरीबी हटाने में ये भ्रष्टाचारये कला धनये गोरख धंधे सबसे बड़ी बाधा है।

एक तरफ तो विश्व में हम आर्थिक गति में तेजी से बढ़ने वाले देशों में सबसे आगे हैं। दूसरी तरफ भ्रष्टाचार की ग्लोबल रैंकिंग में दो साल पहले भारत करीब-करीब सौवें नंबर पर था। ढेर सारे कदम उठाने के बावजूद हम छेहत्तरवें नंबर पर पहुँच पाए हैं। यह इस बात को दर्शाता है कि भ्रष्टाचार और काले धन का जाल कितने व्यापक रूप से देश में बिछा है।

भ्रष्टाचार की बीमारी को कुछ वर्ग विशेष के लोगों ने अपने स्वार्थ के कारण फैला रखा है। गरीबों के हक को नज़रंदाज़ कर ये खुद फलते-फूलते रहे हैं। कुछ लोगों ने पद का दुरुपयोग करते हुए इसका भरपूर फायदा उठाया। दूसरी तरफइमानदार लोगों ने इसके खिलाफ लड़ाई भी लड़ी है। देश के करोड़ों नागरिकों ने ईमानदारी को जी कर के दिखाया है।

हम प्रायः यह सुनते हैं की गरीब ऑटो ड्राईवर अपनी गाडी में छूट गई सोने के आभूषण वाले बैग को उसके असली मालिक को कैसे ढूँढ कर लौटाता हैकई बार हम सुनते हैं कोई टैक्सी ड्राईवर यात्रियों का कोई सामान अगर छूट जाता हैमोबाइल फ़ोन रह जाता है तो अपने खर्चे से उनको ढूढने जाता हैऔर पहुंचा देता हैअरे सब्जी बेचने वाला भीसामान्य दूकान वाला भी अगर ग्राहक से गलती से ज्यादा पैसे ले लिए तो तो उसको बुलाकर लौटा देता है।

प्यारे देशवासियों,

इस बात का ये सबूत है कि हिंदुस्तान का सामान्य से सामान्य नागरिक ईमानदार हैलेकिन प्यारे देशवासियोंहर देश के विकास के इतिहास में ऐसे क्षण आये हैं जब एक शक्तिशाली और निर्णायक कदम की आवश्यकता महसूस की गई। इस देश ने यह वर्षों से महसूस किया है कि भ्रष्टाचारकाला धनजाली नोट और आतंकवाद - ऐसे नासूर हैं जो देश को विकास की दौड़ में पीछे धकेलती हैं। देश कोसमाज को अन्दर ही अन्दर खोखला कर देती है।

मेरे प्यारे देशवासियों,

आतंकवाद की भयानकता को कौन नहीं जानता हैकितने निर्दोष लोगों को के मौत के घाट उतार दिया जाता है। लेकिन क्या आपने सोंचा है की इन आतंकियों को पैसा कहाँ कहाँ से मुहैया होता हैसीमा पार के हमारे शत्रु जाली नोटों के जरियेनकली नोटों के जरिये अपना धंधा भारत में चलाते हैं और यह सालों से चल रहा है। अनेक बार 500 और हज़ार रुपये के जाली नोट का कारोबार करने वाले पकडे भी गए हैं और ये नोटें जब्त भी की गई हैं।

बहनों भाइयों,

एक तरफ आतंकवाद और जाली नोटों का जाल देश को तबाह कर रहा है। दूसरी ओर भ्रष्टाचार और काले धन की चुनौती देश के सामने बनी हुई है। हमने कार्य सँभालने के तुरंत बाद भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत करते हुए अनेक प्रभावी कदम उठायेंजैसे:

• काले धन की जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में SIT का गठन किया।

• विदेशों में जमा काले धन के लिए 2015 में मज़बूत कानून बनाने का हमने काम किया

• काले धन को विदेश से लाने के लिए विभिन्न देशों के साथ टैक्स समझौतों में हमने परिवर्तन कियानए समझौते किये

• अमेरिका सहित विभिन्न देशों के साथ सूचना के आदान प्रदान, information exchange का प्रावधान किया

• भ्रष्टाचारियों की बेनामी संपत्ति को रोकने के लिए अगस्त 2016 में एक और मज़बूत कानून

• इस कानून से एक बहुत बड़े चोर दरवाजे को बंद कर दिया गया।

• देश में अघोषित आय को पेनाल्टी के साथ घोषित करने की योजना में काफी बड़ी मात्रा में अघोषित आय उजागर हुई।

मेरे प्यारे देशवासियों,

इन सारे प्रयासों सेपिछले ढाई सालों में भ्रष्टाचारियों से करीब करीब सवा लाख करोड़ रुपये का काला धन बाहर आया है। ऐसे करोड़ों भारतवासी जिनके रग रग में ईमानदारी दौड़ती है उनका मानना है कि भ्रष्टाचारकाले धनबेनामी संपत्तिजाली नोट और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक होनी चाहिए। कौन ईमानदार नागिरक ऐसा होगा जिसे अफसरों के घर बिस्तर के नीचे सेया जगह जगह बोरियों में करोड़ों रुपये पाए जाने की खबर पीड़ा न होती हो?

आज देश की मुद्राव्यवस्था का हाल यह है की देश में कुल सिक्कों और नोटों की मूल्य में 500 और 1,000 रुपये वाले नोटों का हिस्सा लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक पहुँच गया है।

देश में कैश का अत्यधिक सर्कुलेशन का एक सीधा सम्बन्ध भ्रष्टाचार से है। भ्रष्टाचार से अर्जित कैश का कारोबार महँगाई पर बड़ा असर पैदा करता है। इसकी मार गरीबों को झेलनी पड़ती है। इस का सीधा प्रभाव गरीब और मध्यम वर्ग की खरीदने की शक्ति पर पड़ता है। आपका स्वयं का अनुभव होगाजब मकान या जमीन खरीदते वक़्त आप से कुछ धन चेक में लेंगे और ज्यादातर धनराशी कैश में मांगी जाती होगी। ईमानदार व्यक्ति के लिए कुछ भी खरीदनाएक माध्यम वर्ग के व्यक्ति के लिए घर खरीदना होउसके पास कला धन नहीं है तो मुसीबत हो जाती है। कैश के इस धंधे के कारण मकानजमीनउच्च शिक्षा और चिकित्सा जैसी अनेक सेवाओं और वस्तुओं के मूल्य में बहुत ज्यादा कृत्रिम वृद्धि होती है, artificial increase होता है।

भ्रष्टाचार से जमा किया गया धन हो या काला धन होये दोनों बेनामी हवाला कारोबार को बल देते हैं। और हम जानते हैं कि हवाला का उपयोग आतंकियों ने हथियार की खरीद फरोख्त में भी किया है। चुनावों में काले धन के प्रभाव की चर्चा तो वर्षों से हो रही है।

बहनों भाइयों,

देश को भ्रष्टाचार और काले धन रूपी दीमक से मुक्त कराने के लिए एक और सख्त कदम उठाना ज़रूरी हो गया है।

आज मध्य रात्रि यानि नवम्बर 2016 की रात्रि 12 बजे से वर्तमान में जारी 500 रुपये और 1,000 रुपये के करेंसी नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे यानि ये मुद्राएँ कानूनन अमान्य होंगी।

500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों के जरिये लेन देन की व्यवस्था आज मध्य रात्रि से उपलब्ध नहीं होगी।

भ्रष्टाचारकाले धन और जाली नोट के कारोबार में लिप्त देश विरोधी और समाज विरोधी तत्वों के पास मौजूद 500 एवं 1,000 रुपये के पुराने नोट अब केवल कागज़ के एक टुकड़े के समान रह जायेंगे। ऐसे नागरिक जो संपत्तिमेहनत और इमानदारी से कमा रहें हैंउनके हितों की और उनके हक़ की पूरी रक्षा की जायेगी। ध्यान रहे की 100 रुपये, 50 रुपये, 20 रुपये, 10 रुपये, 5 रुपये, 2 रुपये और रूपया का नोट और सभी सिक्के नियमित हैं और लेन देन के लिए उपयोग हो सकते हैं। उस पर कोई रोक नहीं है।

हमारा यह कदम देश में भ्रष्टाचारकाला धन एवं जाली नोट के खिलाफ हम जो लड़ाई लड़ रहे हैंसामान्य नागरिक जो लड़ाई लड़ रहा हैउसको इससे ताकत मिलने वाली है। इन दिनों में देशवाशियों को कम से कम तकलीफ का सामना करना पड़ेइसके लिए हमने कुछ व्यवस्था की है:

1. 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट, 10 नवम्बर से लेकर 30 दिसम्बर 2016 तक अपने बैंक या डाक घर (पोस्ट ऑफिस) के खाते में बिना किसी सीमा के जमा करवा सकते हैं।

2. आपके पास लगभग 50 दिनों का समय है। अतः नोट जमा करने के लिए आपको अफरा तफरी करने की आवश्यकता नहीं है।

3. आपकी धनराशि आपकी ही रहेगीआपको कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।

4. 500 रुपये या 1,000 रुपये के पुराने नोटों को खाते में डाल कर आप अपनी जरूरत के अनुसार फिर से निकाल सकते हैं।

5. केवल शुरू के दिनों में खाते से धनराशि निकालने पर प्रति दिन दस हज़ार रुपये और प्रति सप्ताह बीस हज़ार रुपये की सीमा तय की गई है। ऐसा नए नोटों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस सीमा में आने वाले दिनों में वृद्धि कर दी जायेगी।

6. खाते में जमा करने की सुविधा के साथ साथ एक दूसरी सुविधा भी दी जा रही है।

7. तत्काल आवश्यकता के लिए 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को नए एवं मान्य नोट के साथ 10 नवम्बर से 30 दिसम्बर तक आप किसी भी बैंक या प्रमुख और उप डाकघर (हेड पोस्ट ऑफिस और सब-पोस्ट पोस्ट ऑफिस) के काउंटर से अपना पहचान पत्र जैसे की आधार कार्डमतदाता यानी वोटर कार्डराशन कार्डपासपोर्टपैन कार्ड इत्यादि सबूत के रूप में पेश करके आप नोट बदल सकते हैं।

8. प्रारम्भ में 10 नवम्बर से 24 नवम्बर तक चार हज़ार रुपये तक के पुराने 500 एवं 1,000 रुपये के नोट बदले जा सकते हैं। 15 दिनों के बाद यानी 25 नवम्बर से चार हज़ार रुपये की सीमा में वृद्धि कर दी जाएगी।

9. ऐसे लोग जो इस समय सीमा के अन्दर अर्थात 30 दिसम्बर 2016 तक पुराने नोट किसी कारणवस जमा नहीं कर पाएउनको 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट बदलने का एक आखिरी अवसर दिया जाएगा।

10. ऐसे लोग रिज़र्व बैंक के निर्धारित ऑफिस में अपनी राशि एक घोषणा पत्र यानी declaration फॉर्म के साथ 31 मार्च 2017 तक जमा करवा सकते हैं।

11. 9 नवम्बर और कुछ स्थानों में 10 नवम्बर को भी ATM काम नहीं करेंगे। प्रारम्भ में ATM से प्रति कार्ड प्रति दिन निकाली जा सकने वाली राशि की सीमा दो हज़ार रुपये रहेगी।

12. फिर उसे कुछ अवधि के बाद बढ़ा कर चार हज़ार रुपये कर दिया जाएगा।

13. वैसे तो 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट आज रात्रि 12 बजे से कानूनी तौर पर ख़त्म हो जायेंगेपरन्तु सामान्य जन-जीवन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण से हमने इस प्रक्रिया में शुरू के 72 घंटों में यानी 11 नवम्बर की रात्रि 12 बजे तक नागरिकों के लिए कुछ विशेष व्यवस्था की है।

14. 11 नवम्बर की रात्रि 12 बजे तक सभी सरकारी अस्पतालों में भुगतान के लिए पुराने 500 या 1,000 रुपये के नोट स्वीकार किये जायेंगे।

15. इस से वैसे परिवार जिनमे कोई बीमार है उन्हें उपचार में कोई बाधा न आये।

16. ऐसे सरकारी अस्पतालों में यदि दवा के दुकान की व्यवस्था है तो डॉक्टर के दिए गए पर्चे पर 500 और हज़ार के पुराने नोटों से दवा खरीदने की सुविधा भी 72 घंटे तक उपलब्ध रहेगी।

17. ऐसे ही 11 नवम्बर की रात्रि 12 बजे तकरेलवे के टिकट बुकिंग काउंटरसरकारी बसों के टिकट बुकिंग काउंटर और हवाई अड्डों पर एयरलाइन्स के टिकट बुकिंग काउंटर पर केवल टिकट खरीदने के लिए पुराने नोट अर्थात 500 और 1,000 रुपये के नोट स्वीकार करने की छूट होगी। ऐसा हमने उन परिवारों की जरूरतों को देखते हुए किया है जो इस समय यात्रा कर रहे होंगे।

18. केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा प्रमाणित कोआपरेटिव की दिनचर्या की वस्तुओं की दूकान (जैसे केंद्रीय भंडारसफल) और दुग्ध विक्रय केन्द्रों (मिल्क पार्लर) में भी 11 नवम्बर की रात 12 बजे तक पुराने 500 और 1,000 रुपये के नोट स्वीकार करने की छूट होगी। इस दौरान इन संस्थानों को प्रतिदिन अपने स्टॉक और बिक्री की सुचना रजिस्टर में रखनी होगी।

19. सार्वजनिक क्षेत्र (पब्लिक सेक्टर) के पेट्रोल और CNG गैस स्टेशन (रिटेल आउटलेट्स) पर पेट्रोलडीजल और CNG गैस की बिक्री के लिए भी 11 नवम्बर की रात 12 बजे तक पुराने 500 और 1,000 रुपये के नोट स्वीकार करने की छूट होगी। इस दौरान प्रतिदिन अपने स्टॉक और बिक्री की सुचना रजिस्टर में रखनी होगी।

20. शवदाह गृह/ क्रेमाटोरियम जैसी जगहों पर भी 11 नवम्बर की रात 12 बजे तक पुराने 500 और 1,000 रुपये के नोट स्वीकार करने की छूट होगी।

21. अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेश से आ रहे या विदेश को जा रहे लोगों को अगर उनके पास पुराने 500 और 1,000 के नोट हैं तो ऐसे नोटों की 5,000 रुपये तक की राशि को नई एवं मान्य करेंसी नोटों से बदलने की सुविधा दी जायेगी।

22. अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेशी मुद्रा या 5,000 रुपये तक के पुराने नोटों को नई एवं मान्य करेंसी नोटों से बदलने की सुविधा दी जायेगी।

23. इन सारी सुविधाओं के अलावा मैं यह स्पष्ट करना चाहूँगा की इस पूरी प्रक्रिया में नॉन-कैश लेन देन में यानी चेक से पेमेंटडिमांड ड्राफ्ट से पेमेंटडेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट अथवा इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रान्सफर में कोई रुकावट नहीं आएगी। ये कारोबार जैसा पहले चलता था वैसा ही चलता रहेगा।

इन सारे इंतज़ाम के बावजूद हमारे ईमानदार देशवासियों को अगर तकलीफ का सामना करना पड़ा तो अनुभव यह बताता है कि इस देश का सामान्य नागरिक देश की भलाई के लिए त्याग करने और कठिनाई सहने के लिए कभी भी पीछे नहीं रहता है। जब मैं सुनता हूँ की कोई गरीब विधवा LPG सब्सिडी छोड़ने में आगे आती हैयह त्याग एक रिटायर्ड स्कूल टीचर में भी पाया जाता है जब वो पेंशन से स्वच्छ भारत कोष में योगदान देने कोप आगे आता हैजब हम ये सुनते हैं कि गरीब आदिवासी माँ का बकरी बेचकर शौचालय बनाने के लिए पैसे लगा देती हैएक फौजी का अपने गाँव को स्वच्छ गाँव बनाने के लिए सत्तावन हज़ार रुपये का दान देने के लिए आगे आता है। मैंने तो यह देखा है की देश के सामान्य नागरिक की एक ही तमन्ना है कि वह कुछ भी कर गुजरने को तैयार है – बस देश का कल्याण हो।

अतः भ्रष्टाचारकाला धनजाली नोट और आतंकवाद के खिलाफ जंग में हम लोग थोड़ी सी कठिनाई वह भी कुछ दिनों के लिए तो झेल ही सकते हैं। मेरा पूरा विश्वास है की देश का प्रत्येक नागरिक भ्रष्टाचार के खिलाफ शुचिता के इस महायज्ञ में मिल कर खड़ा होगा।

मेरे प्यारे देशवासियों,

दिवाली के पर्व के बादअब ईमानदारी के इस उत्सव मेंप्रमाणिकता के इस पर्व में आप बढ़ चढ़ कर हाथ बटायें। मेरा पूरा विश्वास है कि देश के सभी राजनीतिक दलराजनैतिक कार्यकर्तासामजिक और शैक्षणिक संस्थाएंमीडिया सहित समाज के सभी वर्ग से इस महान कार्य में सरकार से भी ज्यादा बढ़ चढ़ कर भाग लेंगेसकारात्मक भूमिका अदा करेंगे और इस कार्य को सफल बना कर ही रहेंगे।

म्रेरे प्यारे देशवासियों,

ये बातें जब मैं आपके समक्ष रख रहा हूँइसी समय सरकार के अलग-अलग विभागों को भी जानकारी हो रही हैबैंक होपोस्ट ऑफिस होरेलवे होअस्पताल होउनके अधिकारीयों को भी इस विषय की इससे पहले कोई जानकारी नहीं मिली है। क्योंकि इस काम में गोपनीयता बहुत ही आवश्यक थी। ऐसी स्थिति में रिज़र्व बैंकसभी बैंक्स और पोस्ट ऑफिस को कम समय में बहुत सारी व्यवस्था करनी है। इस व्यवस्था में कुछ समय तो जाएगा। इसलिए रिज़र्व बैंक ने यह फैसला लिया है की नवम्बर को सभी बैंक पब्लिक कार्य के लिए बंद रहेंगे। नागरिकों को असुविधा होगी। मेरा पूरा भरोसा है की बैंक और पोस्ट ऑफिस में काम करने वाले सभी साथी देश हित में इस पवित्र कार्य को सफलतापूर्वक परिपूर्ण करेंगे। भूतकाल में उन्होंने ये करके दिखाया है। मेरा जनता-जनार्दन से इतना ही आग्रह है कि सभी नागरिक धैर्य रखते हुए सभी बैंक्स और पोस्ट ऑफिस अधिकारीयों के साथ सहयोग करेंयही मेरी उनसे आग्रह और बिनती है।

बहनों और भाइयों,

समय समय पर मुद्रव्यवस्था को ध्यान में रख कर रिज़र्व बैंककेंद्र सरकार की सहमति से नए अधिक मूल्य के नोट को सर्कुलेशन में लाता रहा है। 2014 में रिज़र्व बैंक ने 5,000 और 10,000 रुपये के करेंसी नोट का प्रस्ताव सरकार को भेजा था जिसे हमारी सरकार ने विचार-विमर्श के बाद अस्वीकार कर दिया था। अब इस पूरी प्रक्रिया में रिज़र्व बैंक द्वारा 2,000 रुपये के नए नोट के प्रस्ताव को स्वीकार किया गया है। पूरी तरह से नए तौर पर डिजाईन किये गए 500 रुपये और 2,000 रुपये के नए करेंसी नोट अब सर्कुलेशन में लाया जाएगा। रिज़र्व बैंक अपने पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुएकरेंसी सर्कुलेशन में अधिक मूल्य के नोटों का हिस्सा अब एक सीमा के अन्दर ही रहे इसके लिए रिज़र्व बैंक आवश्यक प्रबंध करेगा।

अंत में मेरे प्यारे देशवाशियों

मैं यह दोहराना चाहता हूँ की किसी देश के इतिहास में ऐसे क्षण आते हैं जब हर व्यक्ति यह महसूस करता है की उसे भी उस क्षण का हिस्सा बनना है। उसे भी राष्ट्र हित मेंराष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना है। परन्तु ऐसे क्षण हर किसी की जिंदगी में गिने चुने ही आते हैं। आज समय हमें फिर से एक अवसर दे रहा है। हर सामान्य नागरिक भ्रष्टाचारकाला धनजाली नोट के खिलाफ इस महायज्ञ में इस लड़ाई में अपना योगदान दे सकता है।

बहनों और भाइयों आपसे इस प्रक्रिया में जितना सहयोग मिलेगाशुद्धिकरण उतना ही सफल होगा। देश के लिए यह चिंता का कारण था कि भ्रष्टाचार और काले धन को जीवन का एक सहज हिस्सा मान लिया गया था। यह सोच आज हमारे राजनैतिकसामाजिकऔर प्रशासनिक जीवन को दीमक की तरह खाए जा रहा है। शासन व्यवस्था का कोई भी अंग इस दीमक से अछूता नहीं है।

समय समय पर हमने देखा है की भारत के सामान्य जन मानस को अगर भ्रष्टाचार और कुछ दिनों की असुविधा में से एक को चुनना होतो वह बेहिचकमैं कहता हूँ बेहिचक मेरे देश का ईमानदार नागरिक असुविधा को तो चुनेगा लेकिन भ्रष्टाचार को कदापि नहीं चुनेगा।

आपसे मैं फिर एक बार आह्वान करता हूँ की आइये जैसे आपने दिवाली के पर्व में अपने घर और आस पड़ोस की सफाई कीवैसे ही सफाई के काम को आगे बढाते हुएहम इस महायज्ञ में अपनी पूर्णाहुति डाल कर इसे सफल बनाइये। इतने बड़े देश मेंइतनी बड़ी सफाई के महापर्व में असुविधा को ध्यान में न रखते हुए आइये सभी शुचिता की दिवाली मनाएंपुरे विश्व को भारत की इस ईमानदारी का उत्सव दिखाएँपूरे देश में प्रमाणिकता का पर्व मनाएं जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकेकाले धन पर नकेल कस सकेजाली नोटों का खेल खेलने वालों को नेस्तनाबूद कर सकेजिस से की देश का धन गरीबों के काम आ सकेहर ईमानदार नागरिक को देश की सम्पन्नता में उसकी उचित हिस्सेदारी मिल सकेआने वाली पीढ़ी गर्व से अपना जीवन जी सके। मैं आप सब के सहयोग के लिए पूरे विशवास के साथ सवा सौ करोड़ देशवासियों कि मदद से भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई को और आगे ले जाना चाहता हूँ। मुझे विश्वास है आपका साथआपका सहयोग आने वाली पीढीयों के लिए प्रेरक बनेगा। मैं फिर एक बार आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। भारत माता की जय।

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AKT/AK

Tuesday, 16 August 2016

मुख्यमंत्री का राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्बोधन सशक्त, समृद्ध और खुशहाल राजस्थान के निर्माण में भागीदारी के आह्वान के साथ विकास की कई घोषणाएं

जयपुर, 15 अगस्त। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने अजमेर के पटेल मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश के शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए सशक्तसमृद्ध और खुशहाल राजस्थान के निर्माण में युवा शक्ति एवं प्रदेशवासियों से भागीदार बनने का आह्वान किया। श्रीमती राजे ने कहा कि आज देश में युवाओं की संख्या65 प्रतिशत है। हमें जोश और जज्बे को बरकरार रखते हुए आजादी के मूल मंत्र को हमेशा याद रखना होगा। 



2 अक्टूबर से लगेंगे पंचायत शिविर        
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार पंचायत से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पंचायत स्तर पर ही शिविर लगाकर जन समस्याओं के निराकरण की अभिनव पहल की जाएगी। पूरे प्रदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर के अवसर पर ये शिविर शुरू होंगे।

    किसानों को 1500 करोड़ का अतिरिक्त ब्याज मुक्त फसली ऋण

मुख्यमंत्री ने कहा कि फसली ऋण योजना के तहत किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से 1500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त ब्याज मुक्त फसली ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने समारोह में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि किसानों की 5 हैक्टेयर तक की खातेदारी भूमि से जिप्सम की परत हटाने का परमिट अब जिला कलक्टर के स्तर पर ही जारी कर दिए जाएंगे। इससे भूमि की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों को भरपूर लाभ मिलेगा। 

40 हजार महिलाओं को आजीविका तथा मनरेगा से जोड़ेंगे        
  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए उन्हें आजीविका से जोड़ा जाएगा। इस साल हम 40 हजार ऎसी महिलाओं को राजस्थान आजीविका परियोजना तथा मनरेगा से जोड़ेंगेजिससे ये महिलाएं न केवल अपने खेतों में खेत-तलाईभूमि समतलीकरण और मेड़बंदी का कार्य करा सकेंगी बल्कि वर्मी-कम्पोस्ट के उत्पादन के साथ-साथ बकरी और पशु के लिए शैड का निर्माण भी कर सकेंगी।
एससी-एसटी को पात्रता अंकों में 5 प्रतिशत की छूट          
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मेें मंत्रालयिक सेवा संबंधी तीनों नियमों जैसे राजस्थान सचिवालय, राजस्थान लोक सेवा आयोग एवं राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय लिपिकवर्गीय सेवा नियम, 1999 में नया प्रावधान किया जाएगा। इनमें सीधी भर्ती के पदों पर एससी-एसटी के अभ्यर्थियों को प्रथम चरण व द्वितीय चरण की परीक्षा में न्यूनतम पात्रता अंकों में 5 प्रतिशत तक की छूट देय होगी। इससे अधिक लोगों को आरक्षित पदों पर चयन का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पेंशन सॉफ्टवेयर को शीघ्र ही लागू किया जाएगा।
विद्यार्थी मित्रों को राहत के लिए करेंगे सार्थक पहल       
   श्रीमती राजे ने कहा कि लम्बे समय से विद्यार्थी मित्र की समस्या के समाधान करने की मांग की जा रही है। हमने इसके समाधान का प्रयास भी किया परन्तु समस्त प्रक्रिया न्यायालय में विचाराधीन होने से लंबित है। अब नए सिरे से इसके समाधान का प्रयास किया जा रहा है। आगामी एक-दो माह में  इस दिशा में सार्थक पहल करने का प्रयास किया जा रहा है। 
  350 स्कूलों में होेंगे 204 करोड़ के काम          
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से पिछले ढाई सालों में शिक्षा की गुणवत्ता में निरन्तर सुधार हुआ है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2013 की तुलना में वर्ष 2016 में रिजल्ट 56 से बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया है। बारहवीं विज्ञान संकाय का रिजल्ट 34 से बढ़कर 47 प्रतिशत हो गया है तथा लाख बच्चों का नामांकन बढ़ा हैजो एक रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 204करोड़ रुपये की लागत से 350 विद्यालयों में हजार से अधिक कार्य कराये जाएंगे। इनमें विज्ञान प्रयोगशालाकम्प्यूटर रूमआर्ट एण्ड क्राफ्ट रूमपुस्तकालयअतिरिक्त कक्षा-कक्ष एवं पेयजल सुविधाओं के कार्य होंगे।
  शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए 12 केन्द्र          
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के आधुनिक प्रशिक्षण के लिए 9 शैक्षणिक संभाग मुख्यालय सहित 12 स्थानों पर स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन मैनेजमेंट एण्ड ट्रेनिंग में अत्याधुनिक आईटी सुविधाओं से युक्त केन्द्राें का निर्माण कराया जाएगा। 
संभाग मुख्यालयों पर स्थापित होंगे ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर     
     श्रीमती राजे ने युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि हमने इस दिशा में ठोस कदम उठाये और राजस्थान मिशन ऑन लाइवलीहुड का पुनर्गठन किया। आज प्रदेश के सैकेण्डरी स्कूलों में भी व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य का ऎसा कोई जिला नहीं है, जहां किसी बड़ी कम्पनी की आईटीआई से पार्टनरशिप न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दो-तीन माह में सीकर और रेलमगरा के साथ-साथ सभी संभाग मुख्यालयों पर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेन्टर स्थापित किए जाएंगे। नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एन्टरप्रेन्योरशिप एण्ड स्मॉल बिजनेस डवलपमेंट की इकाइयां प्रदेश की सभी सरकारी आईटीआई में 13 दिसम्बर तक स्थापित कर दी जाएंगी। राज्य में कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में अगस्त माह के दौरान करीब 21 हजार प्रशिक्षणार्थी नामांकित थे, जो कि एक रिकॉर्ड है। साथ ही सरकार ने अब तक सरकारी एवं गैर सरकारी क्षेत्रों में 9 लाख 90 हजार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। 104 या 108 डायल करने पर मिलेगी एम्बूलेंस सेवाएं      
   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में 108 एम्बूलेंस सेवा, 104 जननी एक्सप्रेस सेवा, बेस एम्बूलेंस सेवा तथा 104 चिकित्सा परामर्श सेवा पृथक्-पृथक् संचालित की जा रही हैं और इनकी सेवाओं के लिए कॉलर को अलग-अलग नम्बर डायल करने पड़ते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए इन चारों एम्बूलेंस सेवाओं को एकीकृत कर जीवनवाहिनी इंटीग्रेटेड एम्बूलेंस योजना शुरू की जाएगी। जिससे 104 या 108 डायल करने पर एम्बूलेंस उपलब्ध होगी। इसका फायदा यह होगा कि रेस्पोंस समय में कमी आने से मरीज तक जल्दी पहुंचा जा सकेगा। इस प्रणाली को आज से ही लागू किया जा रहा है। 
  295 आदर्श पीएचसी की शुरूआत       
   मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ने इस अवसर पर 295 आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की शुरूआत करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना महत्वपूर्ण है। वर्ष 2017 तक हम 900 पीएचसी को आदर्श बनाएंगे। इनमें एलोपैथिक, आयुर्वेद और योगा की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों में अनुपयोगी पड़े उपकरणों की शीघ्र मरम्मत, इनका उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों तक एक्विपमेंट्स मैंनेजमेंट एण्ड मैंटीनेंस सिस्टम की स्थापना की जा रही है।  
बिजली, पानी और सड़क को किया मजबूत          
श्रीमती राजे ने कहा कि बिजली, पानी और सड़क प्रदेश के विकास के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। इन तीनों ही क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए राज्य सरकार ने बिजली के वार्षिक औसत बजट आवंटन में 192प्रतिशत, पेयजल में 87.55 प्रतिशत और सार्वजनिक निर्माण विभाग में 140.87 प्रतिशत की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शेष रही 1480 ढाणी व मजरों को जोड़ने के लिए 1612 करोड़ रुपए की लागत से 4293 किमी डामर सड़क बनाई जाएगी। साथ ही, अजमेर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, करौली, कोटा, झालावाड़, जोधपुर, नागौर, अलवर, हनुमानगढ़ एवं बीकानेर जिले की 500 किमी ग्रामीण सड़कों को मुख्य जिला सड़क के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा दूसरे चरण में 2 हजार पंचायतों में गौरव पथ बनाए जाएंगे।  
जयपुर में 500 करोड़ रुपए के सीवरेज के काम होंगे      
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्र में सीवरेज लाइनें डालने के लिए आने वाले ढाई साल में 500 करोड़ रुपए के काम हाथ में लिए जाएंगे। 
अजमेर अब खुले में शौच से मुक्त        
  श्रीमती राजे ने समारोह में अजमेर जिले को खुले में शौच से मुक्त जिला घोषित करते हुए कहा कि जल्द ही पाली, चूरू, झुझुनूं और गंगानगर जिले भी इस श्रेणी में शामिल होंगे। अब तक प्रदेश में 2329 ग्राम पंचायतें खुले में शौच से मुक्त हो चुकी हैं। 
रोज 1065 युवाओं को मिल रहा रोजगार      
    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन नई पेयजल परियोजनाओं पर 13 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रतिदिन 125 हैक्टेयर से भी अधिक भूमि बूंद-बूंद और फव्वारा सिंचाई योजनाओं से जोड़ी जा रही है। प्रतिदिन 155 युवाओं का कौशल विकास हो रहा है। सरकारी अथवा गैर-सरकारी क्षेत्र में प्रतिदिन 1 हजार 65 युवाओं को रोजगार मिल रहा है और प्रतिदिन  2 हजार 940 युवा मुद्रा योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा प्रतिदिन 90 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का पंजीयन हो रहा है। प्रतिदिन 4 करोड़ 54 लाख रुपये सड़क निर्माण पर खर्च हो रहे हैं और करीब 14 किलोमीटर सड़क बन रही हैं।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर माननीय राष्ट्रपति का संदेश


प्यारे देशवासियो: 

1. हमारी स्वतंत्रता की 69वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर मैं देश विदेश में रह रहे अपने सभी बहनों और भाइयों को हार्दिक बधाई देता हूं। 

2. अपना 70वां स्वतंत्रता दिवस मनाते हुए, मैं हमारे स्वतंत्रता संग्राम के उन सभी ज्ञात और अज्ञात शूरवीरों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं जिन्होंने हमें स्वतंत्रता दिलाने के लिए संघर्ष किया, कष्ट उठाया और अपना जीवन न्योछावर कर दिया महात्मा गांधी के ओजस्वी नेतृत्व से अन्तत: 1947 में अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा। 1947 में जब हमने स्वतंत्रता हासिल की, किसी को यह विश्वास नहीं था कि भारत में लोकतंत्र बना रहेगा तथापि सात दशकों के बाद सवा अरब भारतीयों ने अपनी संपूर्ण विविधता के साथ इन भविष्यवाणियों को गलत साबित कर दिया। हमारे संस्थापकों द्वारा न्याय, स्वतंत्रता, समता और भाईचारे के चार स्तंभों पर निर्मित लोकतंत्र के सशक्त ढांचे ने आंतरिक और बाहरी अनेक जोखिम सहन किए हैं और यह मजबूती से आगे बढ़ा है। 

प्यारे देशवासियो: 

3. मैं आज पांचवीं बार स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आपसे बात कर रहा हूं। पिछले चार वर्षों के दौरान, मैंने संतोषजनक ढंग से एक दल से दूसरे दल को, एक सरकार से दूसरी सरकार को और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण के साथ एक स्थिर और प्रगतिशील लोकतंत्र की पूर्ण सक्रियता को देखा है। राजनीतिक विचार की अलग-अलग धाराओं के बावजूद, मैंने सत्ताधारी दल और विपक्ष को देश के विकास, एकता, अखंडता और सुरक्षा के राष्ट्रीय कार्य को पूरा करने के लिए एक साथ कार्य करते हुए देखा है। संसद के अभी सम्पन्न हुए सत्र में निष्पक्षता और श्रेष्ठ परिचर्चाओं के बीच वस्तु और सेवा कर लागू करने के लिए संविधान संशोधन बिल का पारित होना हमारी लोकतांत्रिक परिपक्वता पर गौरव करने के लिए पर्याप्त है। 

4. इन चार वर्षों में, मैंने कुछ अशांत, विघटनकारी और असहिष्णु शक्तियों को सिर उठाते हुए देखा है। हमारे राष्ट्रीय चरित्र के विरुद्ध कमजोर वर्गों पर हुए हमले पथभ्रष्टता है, जिससे सख्ती से निपटने की आवश्यकता है। हमारे समाज और शासनतंत्र की सामूहिक समझ ने मुझे यह विश्वास दिलाया है कि ऐसे तत्त्वों को निष्क्रिय कर दिया जाएगा और भारत की शानदार विकास गाथा बिना रुकावट के आगे बढ़ती रहेगी। 

5. हमारी महिलाओं और बच्चों को दी गई सुरक्षा और हिफाजत देश और समाज की खुशहाली सुनिश्चित करती है। एक महिला या बच्चे के प्रति हिंसा की प्रत्येक घटना सभ्यता की आत्मा पर घाव कर देती है। यदि हम इस कर्तव्य में विफल रहते हैं तो हम एक सभ्य समाज नहीं कहला सकते। 

प्यारे देशवासियो: 

6. लोकतंत्र का अर्थ सरकार चुनने के लिए समय-समय पर किए गए कार्य से कहीं अधिक है। स्वतंत्रता के विशाल वृक्ष को लोकतंत्र की संस्थाओं द्वारा निरंतर पोषित करना चाहिए। समूहों और व्यक्तियों द्वारा विभाजनकारी राजनीतिक इरादे वाले व्यवधान, रुकावट और मूर्खतापूर्ण प्रयास से संस्थागत उपहास और संवैधानिक विध्वंस के अलावा कुछ हासिल नहीं होता है। परिचर्चा भंग होने से सार्वजनिक संवाद में त्रुटियां ही बढ़ती हैं।

7. हमारा संविधान न केवल एक राजनीतिक और विधिक दस्तावेज है बल्कि एक भावनात्मक, सांस्कृतिक और सामाजिक करार भी है। मेरे विशिष्ट पूर्ववर्ती डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने पचास वर्ष पहले स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कहा था, ‘‘हमने एक लोकतांत्रिक संविधान अपनाया है। यह मानककृत विचारशीलता और कार्य के बढ़ते दबावों के समक्ष हमारी व्यैक्तिकता को बनाए रखने में सहायता करेगा.... लोकतांत्रिक सभाएं सामाजिक तनाव को मुक्त करने वाले साधन के रूप में कार्य करती हैं और खतरनाक हालात को रोकती हैं। एक प्रभावी लोकतंत्र में, इसके सदस्यों को विधि और विधिक शक्ति को स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए। कोई व्यक्ति, कोई समूह स्वयं विधि प्रदाता नहीं बन सकता।’’

8. संविधान में राष्ट्र के प्रत्येक अंग का कर्तव्य और दायित्व स्पष्ट किया गया है। जहां तक राष्ट्र के प्राधिकरणों और संस्थानों की बात है, इसने ‘मर्यादा’ की प्राचीन भारतीय परंपरा को स्थापित किया है। कार्यकर्ताओं को अपने कर्तव्य निभाने में इस ‘मर्यादा’ का पालन करके संविधान की मूल भावना को कायम रखना चाहिए। 

प्यारे देशवासियो : 

9. एक अनूठी विशेषता जिसने भारत को एक सूत्र में बांध रखा है, वह एक दूसरे की संस्कृतियों, मूल्यों और आस्थाओं के प्रति सम्मान है। बहुलवाद का मूल तत्त्व हमारी विविधता को सहेजने और अनेकता को महत्त्व देने में निहित है। आपस में जुड़े हुए वर्तमान माहौल में, एक देखभालपूर्ण समाज धर्म और आधुनिक विज्ञान के समन्वय द्वारा विकसित किया जा सकता है। स्वामी विवेकानंद ने एक बार कहा था, ‘‘विभिन्न प्रकार के पंथों के बीच सहभावना आवश्यक है, यह देखना होगा कि वे साथ खड़े हों या एकसाथ गिरें, एक ऐसी सहभावना जो परस्पर सम्मान न कि अपमान, सद्भावना की अल्प अभिव्यक्ति को बनाए रखने से पैदा हो।’’

10. यह सच है, जैसा कि 69 वर्ष पहले आज ही के दिन पंडित नेहरू ने एक प्रसिद्ध भाषण में कहा था कि एक राष्ट्र के इतिहास में, ऐसे क्षण आते हैं जब हम पुराने से नए की ओर कदम बढ़ाते हैं, जब एक राष्ट्र की आत्मा को अभिव्यक्ति प्राप्त होती है। परंतु यह अनुभव करना आवश्यक है कि ऐसे क्षण अनायास ही भाग्य की वजह से न आएं। एक राष्ट्र ऐसे क्षण पैदा कर सकता है और पैदा करने के प्रयास करने चाहिए। हमें अपने सपनों के भारत का निर्माण करने के लिए भाग्य को अपनी मुट्ठी में करना होगा। सशक्त राजनीतिक इच्छाशक्ति के द्वारा, हमें एक ऐसे भविष्य का निर्माण करना होगा जो साठ करोड़ युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए, एक डिजीटल भारत, एक स्टार्ट-अप भारत और एक कुशल भारत का निर्माण करे। हम सैकड़ों स्मार्ट शहरों, नगरों और गांवों वाले भारत का निर्माण कर रहे हैं, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे ऐसे मानवीय, हाइटेक और खुशहाल स्थान बनें जो प्रौद्योगिकी प्रेरित हों परंतु साथ-साथ सहृदय समाज के रूप में भी निर्मित हों। हमें अपनी विचारशीलता के वैज्ञानिक तरीके से मेल न खाने वाले सिद्धांतों पर प्रश्न करके एक वैज्ञानिक प्रवृत्ति को प्रोत्साहन देना चाहिए और उसे मजबूत करना चाहिए। हमें यथास्थिति को चुनौती देना और अक्षमता और अव्यवस्थित कार्य को अस्वीकार करना सीखना होगा। एक स्पर्द्धात्मक वातावरण में, तात्कालिकता और कुछ अधीरता की भावना आवश्यक गुण होता है।

प्यारे देशवासियो: 

11. भारत तभी विकास करेगा, जब समूचा भारत विकास करेगा। पिछड़े लोगों को विकास की प्रक्रिया में शामिल करना होगा। आहत और भटके लोगों को मुख्यधारा में वापस लाना होगा। प्रौद्योगिक उन्नति के इस दौर में, व्यक्तियों का स्थान मशीनें ले रही हैं। इससे बचने का एकमात्र उपाय ज्ञान और कौशल अर्जित करना और नवान्वेषण सीखना है। हमारी जनता की आकांक्षाओं से जुड़े समावेशी नवान्वेषण समाज के बड़े हिस्से को लाभ पहुंचा सकते हैं और हमारी अनेकता को भी सहेज सकते हैं। एक राष्ट्र के रूप में हमें रचनात्मकता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना चाहिए। इसमें, हमारे स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थानों का एक विशेष दायित्व है। 

12. हम अकसर अपने प्राचीन अतीत की उपलब्धियों पर खुशी मनाते हैं, परंतु अपनी सफलताओं से संतुष्ट होकर बैठ जाना सही नहीं होगा। भविष्य की ओर देखना ज्यादा जरूरी है। सहयोग करने, नवान्वेषण करने और विकास के लिए एकजुट होने का समय आ गया है। भारत ने हाल ही में उल्लेखनीय प्रगति की है, पिछले दशक के दौरान प्रतिवर्ष अधिकतर आठ प्रतिशत से ऊपर की विकास दर हासिल की गई है। अंतरराष्ट्रीय अभिकरणों ने विश्व की सबसे तेजी से बढ़ रही प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत के स्तर को पहचाना है और व्यापार और संचालन के सरल कार्य-निष्पादन के सूचकांकों में पर्याप्त सुधार को मान्यता दी है। हमारे युवा उद्यमियों के स्टार्ट-अप आंदोलन और नवोन्मेषी भावना ने भी अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकृष्ट किया है। हमें अपनी मजबूत विशेषताओं में वृद्धि करनी होगी ताकि यह बढ़त कायम रहे और आगे बढ़ती रहे। इस वर्ष के सामान्य मानसून ने हमें पिछले दो वर्षों, जब कम वर्षा ने कृषि संकट खड़ा कर दिया था, के विपरीत खुश होने का कारण दिया है। यह तथ्य कि दो लगातार सूखे वर्षों के बावजूद भी, मुद्रा-स्फीति 6 प्रतिशत से कम रही और कृषि उत्पादन स्थिर रहा, हमारे देश के लचीलेपन का और इस बात का भी साक्ष्य है कि स्वतंत्रता के बाद हमने कितनी प्रगति की है। 

प्यारे देशवासियो: 

13. हाल के समय में हमारी विदेश नीति में काफी सक्रियता दिखाई दी है। हमने अफ्रीका और एशिया प्रशांत के पारंपरिक साझीदारों के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को पुन: सशक्त किया है। हम सभी देशों, विशेषकर अपने निकटतम विस्तारित पड़ोस के साथ साझे मूल्यों और परस्पर लाभ पर आधारित नए रिश्ते स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं। हम अपनी ‘पड़ोस प्रथम नीति’ से पीछे नहीं हटेंगे। इतिहास, संस्कृति, सभ्यता और भूगोल के घनिष्ठ संबंध दक्षिण एशिया के लोगों को एक साझे भविष्य का निर्माण करने और समृद्धि की ओर मिलकर अग्रसर होने का विशेष अवसर प्रदान करते हैं। इस अवसर को बिना देरी किए हासिल करना होगा। विदेश नीति पर भारत का ध्यान शांत सह-अस्तित्व और इसके आर्थिक विकास के लिए प्रौद्योगिकी और संसाधनों के उपयोग पर केंद्रित होगा। हाल में की गई पहलों ने ऊर्जा सुरक्षा में संवर्धन किया है। खाद्य सुरक्षा को बढ़ाया है और हमारे प्रमुख विकास कार्यक्रमों को आगे ले जाने में अंतरराष्ट्रीय साझीदारी का सर्जन किया है। 

14. विश्व में उन आतंकवादी गतिविधियों में तेजी आई है जिनकी जड़ें धर्म के आधार पर लोगों को कट्टर बनाने में छिपी हुई हैं। ये ताकतें धर्म के नाम पर निर्दोष लोगों की हत्या के अलावा भौगोलिक सीमाओं को बदलने की धमकी भी दे रही हैं जो विश्व शांति के लिए विनाशकारी सिद्ध हो सकता है। ऐसे समूहों की अमानवीय, मूर्खतापूर्ण और बर्बरतापूर्ण कार्यप्रणाली हाल ही में फ्रांस, बेल्जियम, अमरीका, नाइजीरिया, केन्या और हमारे निकट अफगानिस्तान तथा बांग्लादेश में दिखाई दी है। ये ताकतें अब सम्पूर्ण राष्ट्र समूह के प्रति एक खतरा पैदा कर रही हैं। विश्व को बिना शर्त और एक स्वर में इनका मुकाबला करना होगा। 

प्यारे देशवासियो: 

15. उन सभी चुनौतियों के लिए जो हमारे सामने हैं, मेरा प्राचीन देश के रूप में हमारी जन्मजात और विरासत में मिली क्षमता में पूरा विश्वास है जिसकी मूल भावना तथा जीने और उत्कृष्ट कार्य करने की जिजीविषा का कभी दमन नहीं किया जा सकता। अनेक बाहरी और आंतरिक शक्तियों ने सहस्राब्दियों से भारत की इस मूल भावना को दबाने का प्रयास किया है परंतु हर बार यह अपने सम्मुख प्रत्येक चुनौती को समाप्त, आत्मसात और समाहित करके और अधिक शक्तिशाली और यशस्वी होकर उभरी है। 

16. भारत ने अपने विशिष्ट सभ्यतागत योगदान के द्वारा अशांत विश्व को बार-बार शांति और सौहार्द का संदेश दिया है। 1970 में इतिहासकार आर्नोल्ड टॉयनबी ने समकालीन इतिहास में भारत की भूमिका के बारे में कहा था, ‘‘आज, हम विश्व इतिहास के इस संक्रमणकारी युग में जी रहे हैं, परंतु यह पहले ही स्पष्ट होता जा रहा है कि इस पश्चिमी शुरुआत का, यदि इसका अंत मानव जाति के आत्मविनाश से नहीं हो रहा है तो समापन भारतीय होगा।’’ टॉयनबी ने आगे यह भी कहा कि मानव इतिहास के मुकाम पर, मानवता की रक्षा का एकमात्र उपाय भारतीय तरीका है।

प्यारे देशवासियो: 

17. मैं इस अवसर पर, हमारे सैन्य बलों, अर्द्धसैन्य और आंतरिक सुरक्षा बलों के उन सदस्यों को विशेष बधाई और धन्यवाद देता हूं जो हमारी मातृभूमि की एकता, अखंडता और सुरक्षा की चौकसी तथा रक्षा इन्हें कायम रखने के लिए अग्रिम सीमाओं पर डटे हुए हैं। 

18. अंत में मैं एक बार दोबारा उपनिषद का आह्वान करता हूं जैसा कि मैंने चार वर्ष पूर्व स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में किया था। यह भारत माता की तरह सदैव जीवंत रहेगी: 

‘‘ईश्वर हमारी रक्षा करे

ईश्वर हमारा पोषण करे

हम मिलकर उत्साह और ऊर्जा के साथ कार्य करें

हमारा अध्ययन श्रेष्ठ हो

हमारे बीच कोई वैमनस्य ना हो

चारों ओर शांति ही शांति हो।’’

जय हिंद! 


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AKT/SH

Monday, 15 August 2016

प्रधानमंत्री द्वारा 70वें स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले के प्राचीर से राष्‍ट्र को संबोधन


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 70वें स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले के प्राचीर से राष्‍ट्र को संबोधित किया।

श्री नरेन्‍द्र मोदी ने महात्‍मा गांधी, सरदार पटेल, पंडित जवाहरलाल नेहरू तथा असंख्‍य लोगों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्‍होने अपने जीवन का बलिदान दिया ताकि स्‍व्‍राज्‍य प्राप्‍त किया जा सके। 

उन्‍होंने कहा कि 125 करोड़ भारतीयों ने अब यह संकल्‍प लिया है कि वे स्‍वराज्‍य से ‘सुराज’ की यात्रा को पूरा करेंगें। उन्‍होंने कहा कि सुराज की प्राप्ति के लिए, त्‍याग, कड़े परिश्रम, अनुशासन, समर्पण और साहस की आवश्‍यकता होती है और उन्‍होंने कहा कि पंचायत से लेकर संसद तक प्रत्‍येक संस्‍था को इस लक्ष्‍य की दिशा में मिलजुल कर काम करना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था कि जब सरकार आरोपों से आकंठ डूबी हुई थी। उन्‍होंने ने कहा कि यह सरकार इसकी बजाय आकांक्षाओं से घिरी हुई है। उन्‍होंने कहा कि जहां उम्‍मीद आकांक्षाओं को बढ़ावा देती है, वहीं इससे सुराज की ओर तेज़ी से बढ़ने की ऊर्जा भी मिलती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे सरकार द्वारा किए गए कार्य पर प्रकाश नहीं डालना चाहते अपितु सरकार के कार्य-संस्‍कृति का उल्‍लेख करना चाहेंगे। 

प्रधानमंत्री ने संवेदनशीलता, दायित्‍व, जवाबदेही, पारदर्शिता, दक्षता तथा सुशासन जैसे सुराज के विभिन्‍न तत्‍वों को परिभाषित किया। उन्‍होंने प्रमुख अस्‍तपतालों में पंजीकरण, आयकर रिफण्‍ड की तत्‍परता से वापसी, पासपोर्ट डिलीवरी प्रक्रिया में तेज़ी से कंपनी का पंजीकरण तथा सरकारी नौकरियों में समूह ग और समूह घ के पदों के लिए साक्षात्‍कार समाप्‍त किए जाने के केंद्र सरकार के कामकाज के उदाहरणों के माध्‍यम से इन प्रत्‍येक तत्‍वों को समझाने को प्रयास किया।

प्रधानमंत्री ने उल्‍लेख किया कि सुशासन के महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों में सेवा प्रदान करने की गति किस प्रकार बढ़ी है। इस संदर्भ में उन्‍होने ग्रामीण सड़क निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा उत्‍पादन क्षमता निर्माण, पारेषण लाइन बिछाने तथा रसोई गैस कनेक्‍शनों का उदाहरण दिया। 

प्रधानमंत्री ने कतिपय क्षेत्रों जैसे कि जनधन योजना के अंर्तगत थोड़े से समय में 21 करोड़ बैंक खाते का खुलना, ग्रामीण क्षेत्रों में 2 करोड़ शौचालयों का निर्माण तथा बिजली की सुविधा से वंचित 10 हजार गांवों को विद्युतीकरण के काम हो जाने के बारे में बड़े पैमाने पर अपने विचार रखे।

एलईडी बल्‍बों के विषय पर प्रधानमंत्री ने बताया कि इनके मूल्‍यों में भारी कमी की गई है ताकि अधिक से अधिक आम लोगों के बीच इसकी पहुंच बन सके। उन्‍होंने कहा कि बड़े पैमाने पर एलईडी बल्‍बों के इस्‍तेमाल से बिजली की खपत में भारी बचत होगी। 

प्रधानमंत्री ने लगातार दो अकालों के बाद भी पर्याप्त फसलों का उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए सराहा। उन्होंने किसानों की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दालों की बुवाई की दिशा में भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कृषि के क्षेत्र की दिशा में सरकार के समन्वित दृष्टिकोण को स्पष्ट किया जिसमें मृदा, स्वास्थ्य कार्ड, सिचाईं, सौर पंप बीजस उर्वरक तथा फसल बीमा शमिल है। 

श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार का ध्यान एक राष्ट्रीय पहचान का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सुधार, निष्पादन, परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान प्रतीकात्मक की अपेक्षा सारभूत कार्य, विच्छिन्न विकास की अपेक्षा समेकित विकास तथा पात्रता की अपेक्षा सशक्तिकरण की ओर कहीं अधिक केंद्रित है। 

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि किस प्रकार उनकी सरकार अटके पड़े अथवा काफी समय से लंबित परियोजनाओं को पूरा करने में जुटी है और महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए अपेक्षित समय में किस प्रकार कमी कर रही है। 

प्रभावी परिणाम देने के उदाहरण पेश करते हुए प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि गन्ने की बकाया राशि की मंजूरी, नए एलपीजी कनेक्शन और एयर इंडिया तथा बीएसएनएल जैसे सार्वजनिक उपक्रमों को किस प्रकार संचालन मुनाफों में लाया गया। पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि सब्सिडी राशि को किस प्रकार जरूरतमंदों को देकर इसका बेहतर प्रबंधन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुई प्रगति को अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने भी स्वीकार किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं कल्याण की दिशा में सरकार ने नरम और समन्वित दृष्टिकोण अपनाया है। जिसमें बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना तथा उज्जवला योजना जैसे कार्यक्रम शामिल हैं ताकि महिलाओं की शारीरिक, शैक्षिक एवं वित्तीय बेहतरी सुनिश्चित हो सकें। इस संबंध में उन्होंने कई अन्य सरकारी पहलों का उल्लेख किया। 

सामाजिक एकता पर अपना सशक्त संदेश देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक भारतीय को रामानुजाचार्य, महात्मा गांधी और बाबा साहेब आंबेडकर सरीखे हमारे महान संतों, दार्शनिकों के शांति, एकता एवं भाईचारे के संदेश का पालन करना चाहिए। 

प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार की विभिन्न पहल एवं कार्यक्रम युवाओं के लिए रोजगार निर्माण में योगदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मॉडल दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम के चलते सप्ताह के सातों दिन दुकान खोलने में सुविधा रहेगी। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बड़े फैसलें लेने में किसी प्रकार का संकोच नहीं करती उन्होंने एक रैंक एक पेंशन, नेता जी की फाइलों का खुलासा तथा बांग्लादेश के साथ भूमि सीमा करार का इस संदर्भ में उल्लेख किया। 

प्रधानमंत्री ने आंतकवादियों को शहीदों के रूप में महिमा मंडित करने के प्रयासों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि सारा विश्व भारतीय के मानवीय दृष्टिकोण को सराहेगा और सभी प्रकार की आतंकवादी गतिविधियों की एक स्वर में भर्त्सना करेगा। 

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को आगे ले जाने की दिशा में आम संकल्प लेने का लोगों से आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कुछ नई पहल की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की मासिक पेंशन 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रूपये कर दी गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश भर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित संग्रहालयों और स्मारकों के निर्माण की दिशा में काम करेगी। सरकार निर्धन लोगों के लिए अस्पताल में ईलाज की लागत पर एक लाख रुपये तक खर्च वहन करेगी। 

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